शिक्षकों के तबादले के लिए एक्ट से छूट और पदोन्नति के लिए अध्यादेश लाने की तैयारी
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में लिए गए कई बड़े फैसले*
**देहरादून।** प्रदेश के सरकारी स्कूलों में खाली पड़े शिक्षकों के पदों को भरने और पदोन्नति के विवादों को सुलझाने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। सचिवालय में मुख्य सचिव की मौजूदगी में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि शिक्षकों के वार्षिक स्थानांतरण के लिए अतिरिक्त समय मांगने और **स्थानांतरण एक्ट से छूट देने का प्रस्ताव कार्मिक विभाग को भेजा जाएगा।** इससे पर्याप्त छात्र संख्या वाले स्कूलों में धारा-27 और अनुरोध के आधार पर शिक्षकों की तैनाती की जा सकेगी।
इसके साथ ही, हाईकोर्ट में लंबित वरिष्ठता विवाद के कारण रुकी **शिक्षकों की पदोन्नति के लिए सरकार अंतिम विकल्प के रूप में अध्यादेश लाने पर विचार कर रही है।** शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को अध्यादेश का प्रस्ताव तैयार रखने के निर्देश दिए हैं ताकि कोर्ट के फैसले में देरी होने पर अध्यादेश के जरिए पदोन्नति दी जा सके।
### बैठक के मुख्य बिंदु:
* **जर्जर स्कूलों की मरम्मत:** सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों से 3 दिन के भीतर जर्जर विद्यालयों के प्रस्ताव मांगे गए हैं ताकि बजट आवंटित किया जा सके।
* **मूलभूत सुविधाएं:** शत-प्रतिशत स्कूलों में शौचालय, पेयजल और बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश।
* **नया ढांचा व तदर्थ सेवाएं:** SCERT, डायट के नए ढांचे की नियमावली में तेजी लाने और अशासकीय स्कूलों के प्रांतीयकरण व तदर्थ सेवाओं को जोड़ने की प्रक्रिया तेज करने को कहा गया।
बैठक में मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन, प्रमुख सचिव न्याय अमित कुमार, सचिव कार्मिक शैलेष बगोली, शिक्षा सचिव रविनाथ रमन और महानिदेशक आकांक्षा कोण्डे सहित कई उच्चाधिकारी मौजूद थे।
