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August 18, 2026
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कण्वाश्रम पर्यटन के क्षेत्र में विश्व पटल पर दिखाई देगा : ऋतु खण्डूडी भूषण

कण्वाश्रम पर्यटन के क्षेत्र में विश्व पटल पर दिखाई देगा : ऋतु खण्डूडी भूषण

  • कण्वाश्रम में लगेगी चक्रवर्ती राजा भरत की मूर्ति कण्वाश्रम वैदिक कालीन योग, धर्म, आस्था, अध्यात्म एवं साहसिक पर्यटन से जोड़ा जाएगा

कोटद्वार। विधानसभा अध्यक्ष एवं क्षेत्रीय विधायक ऋतु खण्डूडी भूषण ने आज कण्वाश्रम का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कण्वाश्रम स्थित पुरातात्विक महत्व की काष्ठ कला का निरीक्षण किया और मालिनी नदी तट पर बसे इस क्षेत्र की बसावट एवं ऐतिहासिक विरासत के बारे में अपने विचार साझा किए।

पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि बतौर क्षेत्रीय विधायक उनका पहला ध्येय है कि केंद्र व राज्य सरकार के सहयोग से कण्वाश्रम को पर्यटन मानचित्र पर वैश्विक पहचान दिलाई जाए। उन्होंने घोषणा की कि अगले माह तक कण्वाश्रम में शकुंतला पुत्र चक्रवर्ती राजा भरत की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।

उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य है कि मालिनी घाटी की वैदिक कालीन सभ्यता को जीवंत किया जाए। जिस शकुंतला पुत्र चक्रवर्ती भरत के नाम से भारतवर्ष का नाम पड़ा, वह न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय हैं। इस धरोहर को जीर्णोद्धार कर विश्व मानचित्र पर स्थापित करना हमारी प्राथमिकता है।”

उन्होंने बताया कि कण्वाश्रम को धार्मिक एवं साहसिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा। यहाँ योग, ध्यान और अध्यात्म की परंपरा को पुनर्जीवित करने के साथ-साथ आश्रम पद्धति के अनुरूप सप्तऋषि मंडप का निर्माण करने की योजना है। मालिनी नदी तट पर प्रतिदिन नदी आरती और वैदिक मंत्रोच्चारण की ध्वनि गूंजे, यही उनका लक्ष्य है।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार, राज्य सरकार और लोकसभा सांसद अनिल बलूनी के प्रयासों से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की टीम इस क्षेत्र में प्राचीन मूर्तियों और विरासत का अध्ययन कर रही है। प्रारंभिक अध्ययन के अनुसार यहाँ प्राप्त मूर्तियाँ आठवीं से ग्यारहवीं शताब्दी के मध्य की मानी जा रही हैं।

उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से कण्वाश्रम को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर प्रतिष्ठित किया जाएगा और यह क्षेत्र पुनः अपनी गौरवशाली पहचान बनाएगा।

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