चमोली के तमकनाला में भारी जलप्रवाह के मामले में सरकार ने दिए उच्च स्तरीय वैज्ञानिक अध्ययन के आदेश
चमोली जिले के ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग स्थित तमकनाला में बीते मंगलवार को अत्यधिक जलप्रवाह से आपदा की घटना को शासन ने गंभीरता से लिया है। आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस मार्ग के सुरक्षा आकलन हेतु देश के प्रमुख संस्थानों से विस्तृत वैज्ञानिक अध्ययन का अनुरोध किया है।इस कार्य के लिए वाडिया संस्थान, एनआरएससी, आईआईआरएस, यू-सैक, जीएसआई, आईएमडी और एनआईएच के निदेशकों को पत्र भेजा गया है। संस्थानों से तमकनाला के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र का अध्ययन कर अचानक बढ़े जलप्रवाह और मलबे के वास्तविक स्रोत का पता लगाने को कहा गया है।जलप्रवाह के कारणों (वर्षा, बादल फटने या भूस्खलन) की जांच कर 15 दिनों के भीतर उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
अध्ययन में उपग्रह चित्रों, ड्रोन सर्वेक्षण और जीआईएस जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने को कहा गया है। साथ ही, भविष्य के जोखिमों से निपटने के लिए क्षेत्र में अर्ली वार्निंग सिस्टम और रियल-टाइम मॉनिटरिंग तंत्र स्थापित करने पर भी विशेषज्ञ सुझाव मांगे गए हैं।
