लंबगांव केतन लाल हत्या प्रकरण मामले में आज भीम आर्मी प्रमुख नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद अपने बयान के अनुसार पीड़ित परिवार से मिलने पहुंच रहे थे लेकिन किसी भी प्रकार से स्थिति न बिगड़े लिहाज़ा चंद्रशेखर को हरिद्वार में ही पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोक दिया !
पूरे मामले में आजाद का कहना है की मुझे केतन लाल के पीड़ित परिवार से मिलने से रोक दिया जा रहा है जो की पूरी तरह ग़लत है वह पीड़ित परिवार के साथ हैं साथ ही चंद्रशेखर का कहना है की मुझे अगर मिलने नहीं दिया गया तो मैं शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से पैदल मार्च करते हुए पीड़ित परिवार तक पहुँचने का प्रयास करूँगा। यदि तब भी मुझे मिलने से रोका गया, तो मैं संविधान और कानून के दायरे में रहते हुए लोकतांत्रिक ढंग से मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच कर अपना शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराऊँगा।साथ ही में अपने इस संकल्प से पीछे हटने वाला नहीं हूँ। मेरा उद्देश्य केवल पीड़ित परिवार से मिलना, उनका दुःख साझा करना और न्याय की माँग को लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से उठाना है। मैं अपने सभी साथियों से भी अपील करता हूँ कि वे हर परिस्थिति में शांति, संयम और कानून का पालन बनाए रखें।
हरिद्वार में आजाद ने बताया की टिहरी जिले के लंबगांव थाना क्षेत्र के देवल गांव में 7–8 जून 2026 की रात 18 वर्षीय दलित युवक केतन लाल की जातीय घृणा से प्रेरित निर्मम हत्या के मामले में पीड़ित परिवार से मिलने जाने के दौरान मेरे साथ हरिद्वार में उत्तराखंड पुलिस द्वारा किया गया दुर्व्यवहार अत्यंत निंदनीय और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला है उन्होंने सीएम धामी से अपील कर कहा की एक निर्वाचित सांसद को पीड़ित परिवार से मिलने से रोकना तथा मेरे साथ कथित रूप से जानलेवा व्यवहार किया जाना अत्यंत गंभीर विषय है। यदि जनप्रतिनिधियों को भी पीड़ितों के साथ खड़े होने से रोका जाएगा, तो आम नागरिक को न्याय कैसे मिलेगा?
सांसद ने इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराकर दोषी पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाने की माँग की साथ ही केतन लाल की हत्या के सभी आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर कठोरतम सज़ा दी जाए !
