पहाड़ों पर आफत की बारिश: उत्तराखंड में अगले चार दिन ‘येलो अलर्ट’, मौसम विभाग ने दी अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह
उत्तराखंड में अगले चार दिन मौसम का मिजाज बेहद तल्ख रहने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने राज्य के पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताते हुए आगामी 2 जुलाई तक का मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूरे राज्य में **’येलो अलर्ट’** जारी किया है और स्थानीय नागरिकों सहित पर्यटकों को सतर्क रहने व अनावश्यक यात्रा से बचने की सख्त हिदायत दी है।
### **आज 40 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, चमकेगी बिजली**
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आज यानी सोमवार 29 जून को राज्य के पर्वतीय जिलों में कई स्थानों पर बादलों की तेज गर्जना के साथ बिजली चमकने और भारी बारिश होने की संभावना है। इस दौरान पहाड़ों पर **30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे** की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं भी चलेंगी, जिससे दृश्यता (visibility) कम हो सकती है और पेड़ गिरने का खतरा बढ़ सकता है।
दूसरी ओर, मैदानी जिलों—**हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर**—में भी राहत की उम्मीद नहीं है। यहाँ भी बादलों की गर्जना, बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है।
### **30 जून और 1 जुलाई को इन जिलों में बरसेगी आफत**
मौसम विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, मंगलवार **30 जून** को **पिथौरागढ़, नैनीताल और बागेश्वर** जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही अन्य पर्वतीय जिलों में भी तेज बारिश का सिलसिला लगातार जारी रहेगा। इस दौरान हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में मौसम मुख्य रूप से गरज-चमक वाला बना रहेगा।
जुलाई महीने की शुरुआत भी भारी बारिश के साथ होने जा रही है। **1 जुलाई** को **नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और राजधानी देहरादून** जिलों में भारी बारिश का विशेष पूर्वानुमान लगाया गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इन क्षेत्रों के अन्य पर्वतीय हिस्सों में भी बेहद तेज बारिश देखने को मिल सकती है, जिससे नदी-नाले उफान पर आ सकते हैं।
यात्रियों के लिए निर्देश**
प्रशासन ने पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वाले वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने को कहा है। भारी बारिश के चलते संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन (landslide) और चट्टानें गिरने का खतरा बढ़ जाता है। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए मौसम और सड़कों की स्थिति की पूरी जानकारी लेकर ही पहाड़ों की तरफ रुख करें।
