शादी से इनकार पर दरिंदगी: 18 महीने के मासूम को सड़क पर पटककर मार डाला; कोर्ट ने 40 दिन में सुनाई फांसी की सजा
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद क्षेत्र से एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया था, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। यादव कॉलोनी में एक सनकी प्रेमी ने शादी का प्रस्ताव ठुकराए जाने पर महज 1.5 साल के मासूम बच्चे ‘आरव’ को बेहद बेरहमी से सड़क पर 8 बार पटक-पटक कर मौत के घाट उतार दिया।
इस जघन्य हत्याकांड के आरोपी जितेंद्र पाठक उर्फ विराज को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद पैरों में गोली मारकर गिरफ्तार किया था (तस्वीर अस्पताल के उसी दौरान की है)। हाल ही में फिरोजाबाद की जिला एवं सत्र अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे ‘दुर्लभ से दुर्लभतम’ (Rarest of Rare) मामला माना और घटना के मात्र 40 दिनों के भीतर आरोपी को फांसी (मृत्युदंड) की सजा सुनाई है।
क्या है पूरी घटना?
* प्रेम-प्रसंग और शादी का दबाव: आरोपी जितेंद्र पाठक (निवासी बदायूं) पीड़ित बच्चे की मां रति शर्मा से शादी करना चाहता था। रति का अपने पति से विवाद चल रहा था और वह अपने मायके में रह रही थी। आरोपी लगातार उस पर शादी का दबाव बना रहा था।
* बच्चे को माना रास्ते का रोड़ा: जब महिला ने यह कहकर शादी से इनकार कर दिया कि वह अपने डेढ़ साल के बेटे आरव को कभी नहीं छोड़ेगी, तो आरोपी विराज गुस्से से अंधा हो गया। उसने मासूम बच्चे को अपने रास्ते का कांटा समझ लिया।
* 30 सेकंड की हैवानियत: 30 मई को आरोपी ने बच्चे को टॉफी/मिठाई दिलाने के बहाने बहलाया और घर से करीब 50 मीटर दूर ले जाकर सूनी सड़क पर महज 30 सेकंड के भीतर 8 बार बेरहमी से जमीन पर पटका।
* अस्पताल में हुई मौत: सीसीटीवी में कैद हुई इस खौफनाक वारदात के बाद आरोपी बच्चे को लहूलुहान हालत में घर के बाहर छोड़कर भाग गया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मासूम को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस मुठभेड़ और त्वरित न्याय (Fast-Track Trial)
> 6 दिन में चार्जशीट, 40 दिन में फांसी:
> फिरोजाबाद पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए घटना के महज 6 दिनों के भीतर अदालत में पुख्ता सबूतों और सीसीटीवी फुटेज के साथ चार्जशीट दाखिल की थी। कोर्ट ने 13 गवाहों के बयानों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी जितेंद्र को दोषी पाते हुए मौत की सजा सुनाई।
- पैर में लगी थी गोली: घटना के बाद भाग रहे आरोपी को पुलिस ने घेराबंदी कर मुठभेड़ (Encounter) के दौरान गिरफ्तार किया था, जिसमें उसके दोनों पैरों में गोली लगी थी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही उसकी यह तस्वीर अस्पताल के बेड की है, जहां पुलिस कस्टडी में उसका इलाज चल रहा था।
अदालत के इस त्वरित फैसले से पीड़ित परिवार और आम जनता ने राहत की सांस ली है, तथा मां का कहना है कि जब तक इस दरिंदे को फांसी के फंदे पर नहीं लटकाया जाता, तब तक उनके बेटे की आत्मा को शांति नहीं मिलेगी।
